2 मई 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 2 मई 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 2 मई 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (03:02, 3 मई तक), नक्षत्र मूल (17:54 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 12:30 से 14:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:52
रात 06:07 तक
तिथि
पंचमी, 03:02 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 17:54 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:07 – 07:43शुभ
अमृत07:43 – 09:18शुभ
काल09:18 – 10:54टालें
शुभ10:54 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 14:05टालें
उद्वेग14:05 – 15:41टालें
चर15:41 – 17:17सामान्य
लाभ17:17 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:52 – 20:17टालें
शुभ20:17 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 23:05शुभ
चर23:05 – 00:29सामान्य
रोग00:29 – 01:54टालें
काल01:54 – 03:18टालें
लाभ03:18 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:07टालें

2 मई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 03:02, 3 मई तक
कृष्ण षष्ठी 02:32, 4 मई तक
नक्षत्र
मूल 17:54 तक
पूर्वाषाढ़ा 17:48, 3 मई तक
योग
शिव 10:05 तक
सिद्ध 08:06, 3 मई तक
करण
कौलव 15:36 तक
तैतिल 03:02, 3 मई तक
गर 14:41, 3 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
23:04
चंद्रास्त
09:33
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 14:05
यमगंड
07:43 – 09:18
गुलिक काल
10:54 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0707:11दिन
चंद्र07:1108:15दिन
शनि08:1509:18दिन
गुरु09:1810:22दिन
मंगल10:2211:26दिन
सूर्य11:2612:30दिन
शुक्र12:3013:33दिन
बुध13:3314:37दिन
चंद्र14:3715:41दिन
शनि15:4116:45दिन
गुरु16:4517:49दिन
मंगल17:4918:52दिन
सूर्य18:5219:48रात
शुक्र19:4820:45रात
बुध20:4521:41रात
चंद्र21:4122:37रात
शनि22:3723:33रात
गुरु23:3300:29रात
मंगल00:2901:26रात
सूर्य01:2602:22रात
शुक्र02:2203:18रात
बुध03:1804:14रात
चंद्र04:1405:10रात
शनि05:1006:07रात

अयनांश 24.2668° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।