22 सितंबर 2000 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 सितंबर 2000, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 सितंबर 2000 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (15:49 तक), नक्षत्र आर्द्रा (09:19 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 09:58 से 11:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 17:32
रात 05:25 तक
तिथि
नवमी, 15:49 तक
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 09:19 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:25 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:29टालें
शुभ11:29 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:30टालें
उद्वेग14:30 – 16:01टालें
चर16:01 – 17:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:32 – 19:01टालें
काल19:01 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 22:00शुभ
उद्वेग22:00 – 23:29टालें
शुभ23:29 – 00:58शुभ
अमृत00:58 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:25टालें

22 सितंबर 2000 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 15:49 तक
कृष्ण दशमी 13:29, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 07:47, 23 सित॰ तक
योग
वरीयान 16:19 तक
परिघअशुभ 13:17, 23 सित॰ तक
करण
गर 15:49 तक
वणिज 02:41, 23 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:29, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 02:11, 23 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:18
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
09:58 – 11:29
यमगंड
14:30 – 16:01
गुलिक काल
06:56 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2506:25दिन
बुध06:2507:26दिन
चंद्र07:2608:27दिन
शनि08:2709:27दिन
गुरु09:2710:28दिन
मंगल10:2811:29दिन
सूर्य11:2912:29दिन
शुक्र12:2913:30दिन
बुध13:3014:30दिन
चंद्र14:3015:31दिन
शनि15:3116:32दिन
गुरु16:3217:32दिन
मंगल17:3218:32रात
सूर्य18:3219:31रात
शुक्र19:3120:31रात
बुध20:3121:30रात
चंद्र21:3022:29रात
शनि22:2923:29रात
गुरु23:2900:28रात
मंगल00:2801:27रात
सूर्य01:2702:27रात
शुक्र02:2703:26रात
बुध03:2604:26रात
चंद्र04:2605:25रात

अयनांश 23.8672° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।