25 अक्टूबर 2004 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 25 अक्टूबर 2004, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 25 अक्टूबर 2004 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:48 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (10:57 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 07:03 से 08:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 17:03
रात 05:37 तक
तिथि
द्वादशी, 08:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 10:57 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:37 – 07:03शुभ
काल07:03 – 08:28टालें
शुभ08:28 – 09:54शुभ
रोग09:54 – 11:20टालें
उद्वेग11:20 – 12:46टालें
चर12:46 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:03 – 18:37सामान्य
रोग18:37 – 20:12टालें
काल20:12 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:20शुभ
उद्वेग23:20 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:29शुभ
अमृत02:29 – 04:03शुभ
चर04:03 – 05:37सामान्य

25 अक्टूबर 2004 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:48 तक
शुक्ल त्रयोदशी 08:17, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 11:08, 26 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 08:21 तक
व्याघातअशुभ 06:47, 26 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:48 तक
कौलव 20:29 तक
तैतिल 08:17, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
15:28
चंद्रास्त
02:50
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:03 – 08:28
यमगंड
09:54 – 11:20
गुलिक काल
12:46 – 14:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3706:34दिन
शनि06:3407:31दिन
गुरु07:3108:28दिन
मंगल08:2809:26दिन
सूर्य09:2610:23दिन
शुक्र10:2311:20दिन
बुध11:2012:17दिन
चंद्र12:1713:14दिन
शनि13:1414:11दिन
गुरु14:1115:09दिन
मंगल15:0916:06दिन
सूर्य16:0617:03दिन
शुक्र17:0318:06रात
बुध18:0619:09रात
चंद्र19:0920:12रात
शनि20:1221:14रात
गुरु21:1422:17रात
मंगल22:1723:20रात
सूर्य23:2000:23रात
शुक्र00:2301:26रात
बुध01:2602:29रात
चंद्र02:2903:32रात
शनि03:3204:35रात
गुरु04:3505:37रात

अयनांश 23.9243° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।