4 नवंबर 2012 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 4 नवंबर 2012, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 नवंबर 2012 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (14:06 तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:31 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 15:32 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 16:57
रात 05:43 तक
तिथि
पंचमी, 14:06 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:31 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:42 – 07:07टालें
चर07:07 – 08:31सामान्य
लाभ08:31 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:19शुभ
काल11:19 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:08शुभ
रोग14:08 – 15:32टालें
उद्वेग15:32 – 16:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:57 – 18:33शुभ
अमृत18:33 – 20:08शुभ
चर20:08 – 21:44सामान्य
रोग21:44 – 23:20टालें
काल23:20 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:31शुभ
उद्वेग02:31 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:43शुभ

4 नवंबर 2012 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 14:06 तक
कृष्ण षष्ठी 16:09, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 19:59, 5 नव॰ तक
योग
सिद्ध 20:25 तक
साध्य 20:49, 5 नव॰ तक
करण
तैतिल 14:06 तक
गर 03:11, 5 नव॰ तक
वणिज 16:09, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
21:14
चंद्रास्त
09:57
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
15:32 – 16:57
यमगंड
11:19 – 12:44
गुलिक काल
14:08 – 15:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4206:38दिन
शुक्र06:3807:35दिन
बुध07:3508:31दिन
चंद्र08:3109:27दिन
शनि09:2710:23दिन
गुरु10:2311:19दिन
मंगल11:1912:16दिन
सूर्य12:1613:12दिन
शुक्र13:1214:08दिन
बुध14:0815:04दिन
चंद्र15:0416:01दिन
शनि16:0116:57दिन
गुरु16:5718:01रात
मंगल18:0119:04रात
सूर्य19:0420:08रात
शुक्र20:0821:12रात
बुध21:1222:16रात
चंद्र22:1623:20रात
शनि23:2000:24रात
गुरु00:2401:27रात
मंगल01:2702:31रात
सूर्य02:3103:35रात
शुक्र03:3504:39रात
बुध04:3905:43रात

अयनांश 24.0364° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।