14 अगस्त 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (18:47 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:42, 15 अग॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 10:04 से 11:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:09
रात 05:13 तक
तिथि
द्वितीया, 18:47 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:42 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:13 – 06:50सामान्य
लाभ06:50 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 10:04शुभ
काल10:04 – 11:41टालें
शुभ11:41 – 13:18शुभ
रोग13:18 – 14:55टालें
उद्वेग14:55 – 16:32टालें
चर16:32 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:32टालें
काल19:32 – 20:55टालें
लाभ20:55 – 22:18शुभ
उद्वेग22:18 – 23:41टालें
शुभ23:41 – 01:04शुभ
अमृत01:04 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:50सामान्य
रोग03:50 – 05:13टालें

14 अगस्त 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 18:47 तक
शुक्ल तृतीया 17:29, 15 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
परिघअशुभ 09:28 तक
शिव 07:09, 15 अग॰ तक
करण
बालव 07:40 तक
कौलव 18:47 तक
तैतिल 06:03, 15 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
06:34
चंद्रास्त
19:17
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
10:04 – 11:41
यमगंड
14:55 – 16:32
गुलिक काल
06:50 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1306:17दिन
बुध06:1707:22दिन
चंद्र07:2208:27दिन
शनि08:2709:31दिन
गुरु09:3110:36दिन
मंगल10:3611:41दिन
सूर्य11:4112:45दिन
शुक्र12:4513:50दिन
बुध13:5014:55दिन
चंद्र14:5515:59दिन
शनि15:5917:04दिन
गुरु17:0418:09दिन
मंगल18:0919:04रात
सूर्य19:0419:59रात
शुक्र19:5920:55रात
बुध20:5521:50रात
चंद्र21:5022:45रात
शनि22:4523:41रात
गुरु23:4100:36रात
मंगल00:3601:32रात
सूर्य01:3202:27रात
शुक्र02:2703:22रात
बुध03:2204:18रात
चंद्र04:1805:13रात

अयनांश 24.2289° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।