20 नवंबर 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:16 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:56 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 09:59 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 16:51
रात 05:52 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:52 – 07:14सामान्य
लाभ07:14 – 08:37शुभ
अमृत08:37 – 09:59शुभ
काल09:59 – 11:22टालें
शुभ11:22 – 12:44शुभ
रोग12:44 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:29टालें
चर15:29 – 16:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:51 – 18:29टालें
काल18:29 – 20:07टालें
लाभ20:07 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:22टालें
शुभ23:22 – 00:59शुभ
अमृत00:59 – 02:37शुभ
चर02:37 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:52टालें

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:16 तक
शुक्ल एकादशी 06:31, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 06:50, 21 नव॰ तक
योग
हर्षण 06:40 तक
वज्रअशुभ 04:55, 21 नव॰ तक
सिद्धि 02:30, 22 नव॰ तक
करण
गर 07:16 तक
वणिज 19:00 तक
विष्टि (भद्रा) 06:31, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
13:34
चंद्रास्त
01:16
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:59 – 11:22
यमगंड
14:06 – 15:29
गुलिक काल
07:14 – 08:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5206:47दिन
बुध06:4707:42दिन
चंद्र07:4208:37दिन
शनि08:3709:32दिन
गुरु09:3210:27दिन
मंगल10:2711:22दिन
सूर्य11:2212:16दिन
शुक्र12:1613:11दिन
बुध13:1114:06दिन
चंद्र14:0615:01दिन
शनि15:0115:56दिन
गुरु15:5616:51दिन
मंगल16:5117:56रात
सूर्य17:5619:01रात
शुक्र19:0120:07रात
बुध20:0721:12रात
चंद्र21:1222:17रात
शनि22:1723:22रात
गुरु23:2200:27रात
मंगल00:2701:32रात
सूर्य01:3202:37रात
शुक्र02:3703:42रात
बुध03:4204:47रात
चंद्र04:4705:52रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।