18 जून 2029 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 18 जून 2029, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 जून 2029 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (06:19 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:40, 19 जून तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 04:52 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 06:33 से 08:14 तक है।

दिन और रात
दिन 04:52 – 18:23
रात 04:52 तक
तिथि
सप्तमी, 04:27 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:40 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:52 – 06:33शुभ
काल06:33 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:56शुभ
रोग09:56 – 11:37टालें
उद्वेग11:37 – 13:19टालें
चर13:19 – 15:00सामान्य
लाभ15:00 – 16:41शुभ
अमृत16:41 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:41सामान्य
रोग19:41 – 21:00टालें
काल21:00 – 22:19टालें
लाभ22:19 – 23:37शुभ
उद्वेग23:37 – 00:56टालें
शुभ00:56 – 02:15शुभ
अमृत02:15 – 03:33शुभ
चर03:33 – 04:52सामान्य

18 जून 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 06:19 तक
शुक्ल सप्तमी 04:27, 19 जून तक
शुक्ल अष्टमी 02:16, 20 जून तक
नक्षत्र
योग
वज्रअशुभ 10:07 तक
सिद्धि 07:31, 19 जून तक
करण
तैतिल 06:19 तक
गर 17:25 तक
वणिज 04:27, 19 जून तक
विष्टि (भद्रा) 15:24, 19 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:52
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
10:30
चंद्रास्त
22:57
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:10
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
06:33 – 08:14
यमगंड
09:56 – 11:37
गुलिक काल
13:19 – 15:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5205:59दिन
शनि05:5907:07दिन
गुरु07:0708:14दिन
मंगल08:1409:22दिन
सूर्य09:2210:30दिन
शुक्र10:3011:37दिन
बुध11:3712:45दिन
चंद्र12:4513:52दिन
शनि13:5215:00दिन
गुरु15:0016:08दिन
मंगल16:0817:15दिन
सूर्य17:1518:23दिन
शुक्र18:2319:15रात
बुध19:1520:08रात
चंद्र20:0821:00रात
शनि21:0021:52रात
गुरु21:5222:45रात
मंगल22:4523:37रात
सूर्य23:3700:30रात
शुक्र00:3001:22रात
बुध01:2202:15रात
चंद्र02:1503:07रात
शनि03:0703:59रात
गुरु03:5904:52रात

अयनांश 24.2686° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।