22 सितंबर 2033 को कोलकाता का चौघड़िया

गुरुवार, 22 सितंबर 2033, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 सितंबर 2033 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (16:44 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (23:13 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 13:00 से 14:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 17:32
रात 05:25 तक
तिथि
चतुर्दशी, 16:44 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 23:13 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2033 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:25 – 06:56शुभ
रोग06:56 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 09:58टालें
चर09:58 – 11:29सामान्य
लाभ11:29 – 13:00शुभ
अमृत13:00 – 14:30शुभ
काल14:30 – 16:01टालें
शुभ16:01 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:32 – 19:01शुभ
चर19:01 – 20:31सामान्य
रोग20:31 – 22:00टालें
काल22:00 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 00:58शुभ
उद्वेग00:58 – 02:27टालें
शुभ02:27 – 03:56शुभ
अमृत03:56 – 05:25शुभ

22 सितंबर 2033 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 16:44 तक
अमावस्या 19:09, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 02:13, 24 सित॰ तक
योग
साध्य 06:25 तक
शुभ 07:14, 23 सित॰ तक
करण
शकुनि 16:44 तक
चतुष्पद 05:55, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
04:12
चंद्रास्त
16:45
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2090
शक संवत
1955, प्रमादी संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
13:00 – 14:30
यमगंड
05:25 – 06:56
गुलिक काल
08:27 – 09:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2506:25दिन
मंगल06:2507:26दिन
सूर्य07:2608:27दिन
शुक्र08:2709:27दिन
बुध09:2710:28दिन
चंद्र10:2811:29दिन
शनि11:2912:29दिन
गुरु12:2913:30दिन
मंगल13:3014:30दिन
सूर्य14:3015:31दिन
शुक्र15:3116:32दिन
बुध16:3217:32दिन
चंद्र17:3218:32रात
शनि18:3219:31रात
गुरु19:3120:31रात
मंगल20:3121:30रात
सूर्य21:3022:29रात
शुक्र22:2923:29रात
बुध23:2900:28रात
चंद्र00:2801:28रात
शनि01:2802:27रात
गुरु02:2703:26रात
मंगल03:2604:26रात
सूर्य04:2605:25रात

अयनांश 24.3282° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।