26 अक्टूबर 2061 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 26 अक्टूबर 2061, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 अक्टूबर 2061 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:53 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (10:18 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 17:02 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 17:02
रात 05:38 तक
तिथि
द्वादशी, 08:53 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 10:18 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2061 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:38 – 07:03शुभ
अमृत07:03 – 08:29शुभ
काल08:29 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 12:45टालें
उद्वेग12:45 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:02 – 18:37टालें
शुभ18:37 – 20:11शुभ
अमृत20:11 – 21:46शुभ
चर21:46 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:29टालें
लाभ02:29 – 04:04शुभ
उद्वेग04:04 – 05:38टालें

26 अक्टूबर 2061 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:53 तक
शुक्ल त्रयोदशी 07:03, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 09:07, 27 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 07:12 तक
व्याघातअशुभ 04:36, 27 अक्टू॰ तक
हर्षण 01:30, 28 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:53 तक
कौलव 20:03 तक
तैतिल 07:03, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
17:02
चंद्रोदय
15:21
चंद्रास्त
02:49
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2118
शक संवत
1983, वृष संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:43 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:45
यमगंड
07:03 – 08:29
गुलिक काल
09:54 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3806:35दिन
चंद्र06:3507:32दिन
शनि07:3208:29दिन
गुरु08:2909:26दिन
मंगल09:2610:23दिन
सूर्य10:2311:20दिन
शुक्र11:2012:17दिन
बुध12:1713:14दिन
चंद्र13:1414:11दिन
शनि14:1115:08दिन
गुरु15:0816:05दिन
मंगल16:0517:02दिन
सूर्य17:0218:05रात
शुक्र18:0519:08रात
बुध19:0820:11रात
चंद्र20:1121:14रात
शनि21:1422:17रात
गुरु22:1723:20रात
मंगल23:2000:23रात
सूर्य00:2301:26रात
शुक्र01:2602:29रात
बुध02:2903:32रात
चंद्र03:3204:35रात
शनि04:3505:38रात

अयनांश 24.7207° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।