23 सितंबर 2071 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 23 सितंबर 2071, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 सितंबर 2071 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (22:51 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (07:22 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 11:28 से 12:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 17:32
रात 05:25 तक
तिथि
अमावस्या, 22:51 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2071 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:25 – 06:56शुभ
अमृत06:56 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:28शुभ
रोग11:28 – 12:59टालें
उद्वेग12:59 – 14:30टालें
चर14:30 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:32 – 19:01टालें
शुभ19:01 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 21:59शुभ
चर21:59 – 23:28सामान्य
रोग23:28 – 00:58टालें
काल00:58 – 02:27टालें
लाभ02:27 – 03:56शुभ
उद्वेग03:56 – 05:25टालें

23 सितंबर 2071 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 22:51 तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:42, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 05:41, 24 सित॰ तक
योग
शुभ 14:40 तक
शुक्ल 11:40, 24 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 12:05 तक
नाग 22:51 तक
किंस्तुघ्न 09:43, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 12:55 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
04:45
चंद्रास्त
17:18
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2128
शक संवत
1993, खर संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:28 – 12:59
यमगंड
06:56 – 08:27
गुलिक काल
09:57 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2506:26दिन
चंद्र06:2607:26दिन
शनि07:2608:27दिन
गुरु08:2709:27दिन
मंगल09:2710:28दिन
सूर्य10:2811:28दिन
शुक्र11:2812:29दिन
बुध12:2913:29दिन
चंद्र13:2914:30दिन
शनि14:3015:31दिन
गुरु15:3116:31दिन
मंगल16:3117:32दिन
सूर्य17:3218:31रात
शुक्र18:3119:31रात
बुध19:3120:30रात
चंद्र20:3021:30रात
शनि21:3022:29रात
गुरु22:2923:28रात
मंगल23:2800:28रात
सूर्य00:2801:27रात
शुक्र01:2702:27रात
बुध02:2703:26रात
चंद्र03:2604:26रात
शनि04:2605:25रात

अयनांश 24.8591° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।