14 अक्टूबर 2086 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 14 अक्टूबर 2086, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 अक्टूबर 2086 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (11:34 तक), नक्षत्र मूल (21:04 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 07:00 से 08:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:11
रात 05:33 तक
तिथि
षष्ठी, 11:34 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 21:04 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2086 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:32 – 07:00शुभ
काल07:00 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:54शुभ
रोग09:54 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:44शुभ
अमृत15:44 – 17:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:11 – 18:44सामान्य
रोग18:44 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:27शुभ
अमृत02:27 – 04:00शुभ
चर04:00 – 05:33सामान्य

14 अक्टूबर 2086 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 11:34 तक
शुक्ल सप्तमी 11:56, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:04 तक
पूर्वाषाढ़ा 21:45, 15 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 15:11 तक
अतिगंडअशुभ 14:17, 15 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 11:34 तक
गर 23:50 तक
वणिज 11:56, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
10:53
चंद्रास्त
22:03
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2143
शक संवत
2008, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
07:00 – 08:27
यमगंड
09:54 – 11:22
गुलिक काल
12:49 – 14:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3206:30दिन
शनि06:3007:29दिन
गुरु07:2908:27दिन
मंगल08:2709:25दिन
सूर्य09:2510:24दिन
शुक्र10:2411:22दिन
बुध11:2212:20दिन
चंद्र12:2013:18दिन
शनि13:1814:17दिन
गुरु14:1715:15दिन
मंगल15:1516:13दिन
सूर्य16:1317:11दिन
शुक्र17:1118:13रात
बुध18:1319:15रात
चंद्र19:1520:17रात
शनि20:1721:19रात
गुरु21:1922:20रात
मंगल22:2023:22रात
सूर्य23:2200:24रात
शुक्र00:2401:26रात
बुध01:2602:27रात
चंद्र02:2703:29रात
शनि03:2904:31रात
गुरु04:3105:33रात

अयनांश 25.0695° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।