10 अक्टूबर 2087 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2087, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2087 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (13:44 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (22:16 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 09:55 से 11:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:15
रात 05:31 तक
तिथि
त्रयोदशी, 13:44 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 22:16 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2087 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:31 – 06:59सामान्य
लाभ06:59 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:55शुभ
काल09:55 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:47टालें
चर15:47 – 17:15सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:15 – 18:47टालें
काल18:47 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:51शुभ
उद्वेग21:51 – 23:23टालें
शुभ23:23 – 00:55शुभ
अमृत00:55 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:59सामान्य
रोग03:59 – 05:31टालें

10 अक्टूबर 2087 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 13:44 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:56, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 20:02, 11 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 23:30 तक
ध्रुव 19:53, 11 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 13:44 तक
गर 00:23, 11 अक्टू॰ तक
वणिज 10:56, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 16:45 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
15:50
चंद्रास्त
03:24
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2144
शक संवत
2009, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
09:55 – 11:23
यमगंड
14:19 – 15:47
गुलिक काल
06:59 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3106:29दिन
बुध06:2907:28दिन
चंद्र07:2808:27दिन
शनि08:2709:25दिन
गुरु09:2510:24दिन
मंगल10:2411:23दिन
सूर्य11:2312:22दिन
शुक्र12:2213:20दिन
बुध13:2014:19दिन
चंद्र14:1915:18दिन
शनि15:1816:16दिन
गुरु16:1617:15दिन
मंगल17:1518:17रात
सूर्य18:1719:18रात
शुक्र19:1820:19रात
बुध20:1921:20रात
चंद्र21:2022:22रात
शनि22:2223:23रात
गुरु23:2300:24रात
मंगल00:2401:26रात
सूर्य01:2602:27रात
शुक्र02:2703:28रात
बुध03:2804:30रात
चंद्र04:3005:31रात

अयनांश 25.0834° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।