3 अक्टूबर 2097 को कोलकाता का चौघड़िया

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2097, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2097 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (19:38 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:49, 4 अक्टू॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 17:21
रात 05:29 तक
तिथि
त्रयोदशी, 19:38 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:49 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2097 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:28 – 06:57शुभ
रोग06:57 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 09:56टालें
चर09:56 – 11:25सामान्य
लाभ11:25 – 12:54शुभ
अमृत12:54 – 14:23शुभ
काल14:23 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:21 – 18:52शुभ
चर18:52 – 20:23सामान्य
रोग20:23 – 21:54टालें
काल21:54 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:27टालें
शुभ02:27 – 03:58शुभ
अमृत03:58 – 05:29शुभ

3 अक्टूबर 2097 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 19:38 तक
कृष्ण चतुर्दशी 18:14, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 03:49, 4 अक्टू॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 03:17, 5 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 17:37 तक
शुक्ल 15:19, 4 अक्टू॰ तक
करण
गर 08:29 तक
वणिज 19:38 तक
विष्टि (भद्रा) 06:53, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
03:09
चंद्रास्त
16:11
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2154
शक संवत
2019, पिंगल संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:23
यमगंड
05:28 – 06:57
गुलिक काल
08:27 – 09:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2806:28दिन
मंगल06:2807:27दिन
सूर्य07:2708:27दिन
शुक्र08:2709:26दिन
बुध09:2610:25दिन
चंद्र10:2511:25दिन
शनि11:2512:24दिन
गुरु12:2413:24दिन
मंगल13:2414:23दिन
सूर्य14:2315:22दिन
शुक्र15:2216:22दिन
बुध16:2217:21दिन
चंद्र17:2118:22रात
शनि18:2219:22रात
गुरु19:2220:23रात
मंगल20:2321:24रात
सूर्य21:2422:24रात
शुक्र22:2423:25रात
बुध23:2500:26रात
चंद्र00:2601:26रात
शनि01:2602:27रात
गुरु02:2703:27रात
मंगल03:2704:28रात
सूर्य04:2805:29रात

अयनांश 25.2229° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।