27 जनवरी 2025 को कुरनूल का चौघड़िया

सोमवार, 27 जनवरी 2025, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 जनवरी 2025 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (20:35 तक), नक्षत्र मूल (09:02 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:12
रात 06:48 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:48 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:39टालें
शुभ09:39 – 11:05शुभ
रोग11:05 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 13:56टालें
चर13:56 – 15:21सामान्य
लाभ15:21 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:12 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:21टालें
काल21:21 – 22:56टालें
लाभ22:56 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:48सामान्य

27 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 20:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:36, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:02 तक
पूर्वाषाढ़ा 08:58, 28 जन॰ तक
योग
हर्षण 01:57, 28 जन॰ तक
वज्रअशुभ 23:51, 28 जन॰ तक
करण
गर 08:50 तक
वणिज 20:35 तक
विष्टि (भद्रा) 08:10, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
04:51
चंद्रास्त
16:06
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:39
यमगंड
11:05 – 12:30
गुलिक काल
13:56 – 15:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4807:45दिन
शनि07:4508:42दिन
गुरु08:4209:39दिन
मंगल09:3910:36दिन
सूर्य10:3611:33दिन
शुक्र11:3312:30दिन
बुध12:3013:27दिन
चंद्र13:2714:24दिन
शनि14:2415:21दिन
गुरु15:2116:18दिन
मंगल16:1817:15दिन
सूर्य17:1518:12दिन
शुक्र18:1219:15रात
बुध19:1520:18रात
चंद्र20:1821:21रात
शनि21:2122:24रात
गुरु22:2423:27रात
मंगल23:2700:30रात
सूर्य00:3001:33रात
शुक्र01:3302:36रात
बुध02:3603:39रात
चंद्र03:3904:42रात
शनि04:4205:45रात
गुरु05:4506:48रात

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।