12 मार्च 2026 को कुरनूल का चौघड़िया

गुरुवार, 12 मार्च 2026, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 मार्च 2026 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:29, 13 मार्च तक), नक्षत्र मूल (00:43, 13 मार्च तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:27
रात 06:27 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
मूल, 00:43 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:28 – 07:57शुभ
रोग07:57 – 09:27टालें
उद्वेग09:27 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:27सामान्य
लाभ12:27 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:27शुभ
काल15:27 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:27 – 19:57शुभ
चर19:57 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:27टालें
लाभ00:27 – 01:57शुभ
उद्वेग01:57 – 03:27टालें
शुभ03:27 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:27शुभ

12 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:29, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 00:43, 13 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 03:03, 14 मार्च तक
योग
सिद्धि 09:58 तक
व्यतीपातअशुभ 10:31, 13 मार्च तक
करण
तैतिल 17:27 तक
गर 06:29, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
01:16
चंद्रास्त
12:28
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:27
यमगंड
06:28 – 07:57
गुलिक काल
09:27 – 10:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2807:27दिन
मंगल07:2708:27दिन
सूर्य08:2709:27दिन
शुक्र09:2710:27दिन
बुध10:2711:27दिन
चंद्र11:2712:27दिन
शनि12:2713:27दिन
गुरु13:2714:27दिन
मंगल14:2715:27दिन
सूर्य15:2716:27दिन
शुक्र16:2717:27दिन
बुध17:2718:27दिन
चंद्र18:2719:27रात
शनि19:2720:27रात
गुरु20:2721:27रात
मंगल21:2722:27रात
सूर्य22:2723:27रात
शुक्र23:2700:27रात
बुध00:2701:27रात
चंद्र01:2702:27रात
शनि02:2703:27रात
गुरु03:2704:27रात
मंगल04:2705:27रात
सूर्य05:2706:27रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।