6 जनवरी 2027 को कुरनूल का चौघड़िया

बुधवार, 6 जनवरी 2027, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 जनवरी 2027 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:14 तक), नक्षत्र मूल (06:08, 7 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 12:23 से 13:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:00
रात 06:46 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:14 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल, 06:08 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:46 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:35शुभ
काल09:35 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:23शुभ
रोग12:23 – 13:47टालें
उद्वेग13:47 – 15:11टालें
चर15:11 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:00 – 19:36टालें
शुभ19:36 – 21:12शुभ
अमृत21:12 – 22:47शुभ
चर22:47 – 00:23सामान्य
रोग00:23 – 01:59टालें
काल01:59 – 03:35टालें
लाभ03:35 – 05:11शुभ
उद्वेग05:11 – 06:46टालें

6 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:14 तक
अमावस्या 01:54, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:08, 7 जन॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 09:13, 8 जन॰ तक
योग
वृद्धि 13:32 तक
ध्रुव 14:26, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:56 तक
शकुनि 23:14 तक
चतुष्पद 12:34, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
05:30
चंद्रास्त
16:44
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:23 – 13:47
यमगंड
08:10 – 09:35
गुलिक काल
10:59 – 12:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4607:42दिन
चंद्र07:4208:38दिन
शनि08:3809:35दिन
गुरु09:3510:31दिन
मंगल10:3111:27दिन
सूर्य11:2712:23दिन
शुक्र12:2313:19दिन
बुध13:1914:15दिन
चंद्र14:1515:11दिन
शनि15:1116:08दिन
गुरु16:0817:04दिन
मंगल17:0418:00दिन
सूर्य18:0019:04रात
शुक्र19:0420:08रात
बुध20:0821:12रात
चंद्र21:1222:15रात
शनि22:1523:19रात
गुरु23:1900:23रात
मंगल00:2301:27रात
सूर्य01:2702:31रात
शुक्र02:3103:35रात
बुध03:3504:39रात
चंद्र04:3905:43रात
शनि05:4306:46रात

अयनांश 24.2344° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।