28 जनवरी 2029 को कुरनूल का चौघड़िया

रविवार, 28 जनवरी 2029, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 जनवरी 2029 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (15:41 तक), नक्षत्र आर्द्रा (14:48 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 16:47 से 18:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:13
रात 06:48 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:41 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 14:48 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:48 – 08:14टालें
चर08:14 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:05शुभ
अमृत11:05 – 12:30शुभ
काल12:30 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:47टालें
उद्वेग16:47 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:13 – 19:47शुभ
अमृत19:47 – 21:22शुभ
चर21:22 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:30टालें
काल00:30 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:39शुभ
उद्वेग03:39 – 05:13टालें
शुभ05:13 – 06:48शुभ

28 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 15:41 तक
शुक्ल चतुर्दशी 13:53, 29 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 13:42, 29 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 07:31 तक
विष्कंभअशुभ 05:03, 29 जन॰ तक
प्रीति 02:06, 30 जन॰ तक
करण
तैतिल 15:41 तक
गर 02:52, 29 जन॰ तक
वणिज 13:53, 29 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
16:25
चंद्रास्त
04:53
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
16:47 – 18:13
यमगंड
12:30 – 13:56
गुलिक काल
15:22 – 16:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4807:45दिन
शुक्र07:4508:42दिन
बुध08:4209:39दिन
चंद्र09:3910:36दिन
शनि10:3611:33दिन
गुरु11:3312:30दिन
मंगल12:3013:27दिन
सूर्य13:2714:25दिन
शुक्र14:2515:22दिन
बुध15:2216:19दिन
चंद्र16:1917:16दिन
शनि17:1618:13दिन
गुरु18:1319:16रात
मंगल19:1620:19रात
सूर्य20:1921:22रात
शुक्र21:2222:24रात
बुध22:2423:27रात
चंद्र23:2700:30रात
शनि00:3001:33रात
गुरु01:3302:36रात
मंगल02:3603:39रात
सूर्य03:3904:42रात
शुक्र04:4205:45रात
बुध05:4506:48रात

अयनांश 24.2632° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।