24 जनवरी 2028 को लेह का चौघड़िया

सोमवार, 24 जनवरी 2028, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 जनवरी 2028 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (16:09 तक), नक्षत्र मूल (11:28 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 08:39 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 17:41
रात 07:21 तक
तिथि
त्रयोदशी, 16:09 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल, 11:28 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:22 – 08:39शुभ
काल08:39 – 09:56टालें
शुभ09:56 – 11:14शुभ
रोग11:14 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:23शुभ
अमृत16:23 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:41 – 19:23सामान्य
रोग19:23 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:48टालें
लाभ22:48 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:14टालें
शुभ02:14 – 03:56शुभ
अमृत03:56 – 05:39शुभ
चर05:39 – 07:21सामान्य

24 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 16:09 तक
कृष्ण चतुर्दशी 18:17, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 11:28 तक
पूर्वाषाढ़ा 13:59, 25 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 12:22 तक
हर्षण 12:50, 25 जन॰ तक
करण
वणिज 16:09 तक
विष्टि (भद्रा) 05:10, 25 जन॰ तक
शकुनि 18:17, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
05:46
चंद्रास्त
15:34
दिनमान
10h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 09:56
यमगंड
11:14 – 12:31
गुलिक काल
13:49 – 15:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2208:13दिन
शनि08:1309:05दिन
गुरु09:0509:56दिन
मंगल09:5610:48दिन
सूर्य10:4811:40दिन
शुक्र11:4012:31दिन
बुध12:3113:23दिन
चंद्र13:2314:14दिन
शनि14:1415:06दिन
गुरु15:0615:58दिन
मंगल15:5816:49दिन
सूर्य16:4917:41दिन
शुक्र17:4118:49रात
बुध18:4919:57रात
चंद्र19:5721:06रात
शनि21:0622:14रात
गुरु22:1423:23रात
मंगल23:2300:31रात
सूर्य00:3101:39रात
शुक्र01:3902:48रात
बुध02:4803:56रात
चंद्र03:5605:04रात
शनि05:0406:13रात
गुरु06:1307:21रात

अयनांश 24.2491° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।