18 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 18 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (13:35 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (00:23, 19 जून तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:02
रात 05:12 तक
तिथि
सप्तमी, 13:35 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 00:23 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:12 – 06:56शुभ
अमृत06:56 – 08:39शुभ
काल08:39 – 10:23टालें
शुभ10:23 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:34टालें
चर15:34 – 17:18सामान्य
लाभ17:18 – 19:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:02 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:34शुभ
अमृत21:34 – 22:51शुभ
चर22:51 – 00:07सामान्य
रोग00:07 – 01:23टालें
काल01:23 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 03:56शुभ
उद्वेग03:56 – 05:12टालें

18 जून 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 13:35 तक
कृष्ण अष्टमी 11:56, 19 जून तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 00:23, 19 जून तक
उत्तरा भाद्रपद 23:17, 19 जून तक
योग
प्रीति 07:40 तक
आयुष्मान 05:24, 19 जून तक
करण
बव 13:35 तक
बालव 00:49, 19 जून तक
कौलव 11:56, 19 जून तक
चंद्र राशि
कुंभ 18:35 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:34
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:51
यमगंड
06:56 – 08:39
गुलिक काल
10:23 – 12:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1206:21दिन
चंद्र06:2107:30दिन
शनि07:3008:39दिन
गुरु08:3909:49दिन
मंगल09:4910:58दिन
सूर्य10:5812:07दिन
शुक्र12:0713:16दिन
बुध13:1614:25दिन
चंद्र14:2515:34दिन
शनि15:3416:43दिन
गुरु16:4317:53दिन
मंगल17:5319:02दिन
सूर्य19:0219:53रात
शुक्र19:5320:43रात
बुध20:4321:34रात
चंद्र21:3422:25रात
शनि22:2523:16रात
गुरु23:1600:07रात
मंगल00:0700:58रात
सूर्य00:5801:49रात
शुक्र01:4902:40रात
बुध02:4003:30रात
चंद्र03:3004:21रात
शनि04:2105:12रात

अयनांश 24.2127° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।