10 अगस्त 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 10 अगस्त 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 अगस्त 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (08:01 तक), नक्षत्र आर्द्रा (12:27 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 07:14 से 08:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 18:47
रात 05:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 04:54 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 12:27 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:35 – 07:14शुभ
काल07:14 – 08:53टालें
शुभ08:53 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 17:08शुभ
अमृत17:08 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:47 – 20:08सामान्य
रोग20:08 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:50टालें
लाभ22:50 – 00:11शुभ
उद्वेग00:11 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 02:53शुभ
अमृत02:53 – 04:14शुभ
चर04:14 – 05:35सामान्य

10 अगस्त 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 08:01 तक
कृष्ण त्रयोदशी 04:54, 11 अग॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 01:53, 12 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:09, 11 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 22:27 तक
सिद्धि 18:51, 11 अग॰ तक
करण
तैतिल 08:01 तक
गर 18:27 तक
वणिज 04:54, 11 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:22, 11 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 04:43, 11 अग॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
02:29
चंद्रास्त
17:02
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
07:14 – 08:53
यमगंड
10:32 – 12:11
गुलिक काल
13:50 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3506:41दिन
शनि06:4107:47दिन
गुरु07:4708:53दिन
मंगल08:5309:59दिन
सूर्य09:5911:05दिन
शुक्र11:0512:11दिन
बुध12:1113:17दिन
चंद्र13:1714:23दिन
शनि14:2315:29दिन
गुरु15:2916:35दिन
मंगल16:3517:41दिन
सूर्य17:4118:47दिन
शुक्र18:4719:41रात
बुध19:4120:35रात
चंद्र20:3521:29रात
शनि21:2922:23रात
गुरु22:2323:17रात
मंगल23:1700:11रात
सूर्य00:1101:05रात
शुक्र01:0501:59रात
बुध01:5902:53रात
चंद्र02:5303:47रात
शनि03:4704:41रात
गुरु04:4105:35रात

अयनांश 24.2287° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।