24 दिसंबर 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 24 दिसंबर 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:58 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:47, 25 दिस॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 13:24 से 14:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 17:19
रात 06:52 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:07 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:47 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:52 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:05सामान्य
लाभ12:05 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 14:42शुभ
काल14:42 – 16:00टालें
शुभ16:00 – 17:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:19 – 19:00शुभ
चर19:00 – 20:42सामान्य
रोग20:42 – 22:24टालें
काल22:24 – 00:05टालें
लाभ00:05 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:52शुभ

24 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 06:58 तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:07, 25 दिस॰ तक
कृष्ण द्वितीया 23:26, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:47, 25 दिस॰ तक
पुनर्वसु 22:50, 25 दिस॰ तक
योग
शुक्ल 12:51 तक
ब्रह्म 08:28, 25 दिस॰ तक
करण
बव 06:58 तक
बालव 17:02 तक
कौलव 03:07, 25 दिस॰ तक
तैतिल 13:15, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
17:36
चंद्रास्त
07:05
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 14:42
यमगंड
06:52 – 08:10
गुलिक काल
09:28 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5207:44दिन
मंगल07:4408:36दिन
सूर्य08:3609:28दिन
शुक्र09:2810:21दिन
बुध10:2111:13दिन
चंद्र11:1312:05दिन
शनि12:0512:57दिन
गुरु12:5713:50दिन
मंगल13:5014:42दिन
सूर्य14:4215:34दिन
शुक्र15:3416:27दिन
बुध16:2717:19दिन
चंद्र17:1918:27रात
शनि18:2719:34रात
गुरु19:3420:42रात
मंगल20:4221:50रात
सूर्य21:5022:58रात
शुक्र22:5800:05रात
बुध00:0501:13रात
चंद्र01:1302:21रात
शनि02:2103:29रात
गुरु03:2904:36रात
मंगल04:3605:44रात
सूर्य05:4406:52रात

अयनांश 24.2339° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।