29 दिसंबर 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (13:25 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:43 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 14:45 से 16:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 17:22
रात 06:54 तक
तिथि
षष्ठी, 13:25 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:43 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:54 – 08:12टालें
उद्वेग08:12 – 09:31टालें
चर09:31 – 10:49सामान्य
लाभ10:49 – 12:08शुभ
अमृत12:08 – 13:26शुभ
काल13:26 – 14:45टालें
शुभ14:45 – 16:03शुभ
रोग16:03 – 17:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:22 – 19:03टालें
लाभ19:03 – 20:45शुभ
उद्वेग20:45 – 22:26टालें
शुभ22:26 – 00:08शुभ
अमृत00:08 – 01:49शुभ
चर01:49 – 03:31सामान्य
रोग03:31 – 05:12टालें
काल05:12 – 06:54टालें

29 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 13:25 तक
कृष्ण सप्तमी 12:36, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:37, 30 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 15:30 तक
सौभाग्य 13:41, 30 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:25 तक
विष्टि (भद्रा) 00:55, 30 दिस॰ तक
बव 12:36, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 21:37 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
23:13
चंद्रास्त
10:52
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
14:45 – 16:03
यमगंड
09:31 – 10:49
गुलिक काल
12:08 – 13:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5407:46दिन
सूर्य07:4608:38दिन
शुक्र08:3809:31दिन
बुध09:3110:23दिन
चंद्र10:2311:15दिन
शनि11:1512:08दिन
गुरु12:0813:00दिन
मंगल13:0013:52दिन
सूर्य13:5214:45दिन
शुक्र14:4515:37दिन
बुध15:3716:29दिन
चंद्र16:2917:22दिन
शनि17:2218:29रात
गुरु18:2919:37रात
मंगल19:3720:45रात
सूर्य20:4521:52रात
शुक्र21:5223:00रात
बुध23:0000:08रात
चंद्र00:0801:15रात
शनि01:1502:23रात
गुरु02:2303:31रात
मंगल03:3104:39रात
सूर्य04:3905:46रात
शुक्र05:4606:54रात

अयनांश 24.2341° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।