6 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 6 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (18:41 तक), नक्षत्र आर्द्रा (02:08, 7 जून तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 17:14 से 18:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:57
रात 05:11 तक
तिथि
द्वितीया, 18:41 तक
तृतीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:08 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:12 – 06:55टालें
चर06:55 – 08:38सामान्य
लाभ08:38 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 12:04शुभ
काल12:04 – 13:48टालें
शुभ13:48 – 15:31शुभ
रोग15:31 – 17:14टालें
उद्वेग17:14 – 18:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:57 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 21:31शुभ
चर21:31 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 00:04टालें
काल00:04 – 01:21टालें
लाभ01:21 – 02:38शुभ
उद्वेग02:38 – 03:55टालें
शुभ03:55 – 05:11शुभ

6 जून 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 18:41 तक
शुक्ल तृतीया 15:26, 7 जून तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:08, 7 जून तक
पुनर्वसु 23:45, 7 जून तक
योग
शूलअशुभ 08:25 तक
गंडअशुभ 04:38, 7 जून तक
वृद्धि 00:58, 8 जून तक
करण
बालव 08:20 तक
कौलव 18:41 तक
तैतिल 05:03, 7 जून तक
गर 15:26, 7 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
06:19
चंद्रास्त
20:51
दिनमान
13h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
17:14 – 18:57
यमगंड
12:04 – 13:48
गुलिक काल
15:31 – 17:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1206:20दिन
शुक्र06:2007:29दिन
बुध07:2908:38दिन
चंद्र08:3809:47दिन
शनि09:4710:56दिन
गुरु10:5612:04दिन
मंगल12:0413:13दिन
सूर्य13:1314:22दिन
शुक्र14:2215:31दिन
बुध15:3116:40दिन
चंद्र16:4017:49दिन
शनि17:4918:57दिन
गुरु18:5719:48रात
मंगल19:4820:40रात
सूर्य20:4021:31रात
शुक्र21:3122:22रात
बुध22:2223:13रात
चंद्र23:1300:04रात
शनि00:0400:56रात
गुरु00:5601:47रात
मंगल01:4702:38रात
सूर्य02:3803:29रात
शुक्र03:2904:20रात
बुध04:2005:11रात

अयनांश 24.2402° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।