26 जुलाई 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 26 जुलाई 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 जुलाई 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (10:25 तक), नक्षत्र अश्विनी (05:53, 27 जुल॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 07:08 से 08:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:57
रात 05:27 तक
तिथि
सप्तमी, 10:25 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:27 – 07:08शुभ
काल07:08 – 08:50टालें
शुभ08:50 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 12:12टालें
उद्वेग12:12 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 17:16शुभ
अमृत17:16 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:57 – 20:16सामान्य
रोग20:16 – 21:35टालें
काल21:35 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 02:50शुभ
अमृत02:50 – 04:09शुभ
चर04:09 – 05:27सामान्य

26 जुलाई 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 10:25 तक
कृष्ण अष्टमी 10:13, 27 जुल॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 05:53, 27 जुल॰ तक
योग
धृति 19:16 तक
शूलअशुभ 17:53, 27 जुल॰ तक
करण
बव 10:25 तक
बालव 22:24 तक
कौलव 10:13, 27 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
23:11
चंद्रास्त
11:58
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:08 – 08:50
यमगंड
10:31 – 12:12
गुलिक काल
13:53 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2706:34दिन
शनि06:3407:42दिन
गुरु07:4208:50दिन
मंगल08:5009:57दिन
सूर्य09:5711:05दिन
शुक्र11:0512:12दिन
बुध12:1213:20दिन
चंद्र13:2014:27दिन
शनि14:2715:35दिन
गुरु15:3516:42दिन
मंगल16:4217:50दिन
सूर्य17:5018:57दिन
शुक्र18:5719:50रात
बुध19:5020:42रात
चंद्र20:4221:35रात
शनि21:3522:27रात
गुरु22:2723:20रात
मंगल23:2000:12रात
सूर्य00:1201:05रात
शुक्र01:0501:57रात
बुध01:5702:50रात
चंद्र02:5003:42रात
शनि03:4204:35रात
गुरु04:3505:27रात

अयनांश 24.2421° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।