1 सितंबर 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 1 सितंबर 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 सितंबर 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (19:50 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (19:48 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:26
रात 05:45 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:50 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 19:48 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:45 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:30टालें
शुभ10:30 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:41टालें
उद्वेग13:41 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:51सामान्य
लाभ16:51 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:26 – 19:51टालें
शुभ19:51 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:41शुभ
चर22:41 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:31टालें
काल01:31 – 02:56टालें
लाभ02:56 – 04:21शुभ
उद्वेग04:21 – 05:45टालें

1 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 19:50 तक
शुक्ल द्वितीया 16:50, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 17:36, 2 सित॰ तक
योग
सिद्ध 17:45 तक
साध्य 14:09, 2 सित॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:29 तक
बव 19:50 तक
बालव 06:17, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 01:13, 2 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
06:09
चंद्रास्त
18:44
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:41
यमगंड
07:20 – 08:55
गुलिक काल
10:30 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4506:48दिन
चंद्र06:4807:52दिन
शनि07:5208:55दिन
गुरु08:5509:59दिन
मंगल09:5911:02दिन
सूर्य11:0212:06दिन
शुक्र12:0613:09दिन
बुध13:0914:13दिन
चंद्र14:1315:16दिन
शनि15:1616:19दिन
गुरु16:1917:23दिन
मंगल17:2318:26दिन
सूर्य18:2619:23रात
शुक्र19:2320:20रात
बुध20:2021:16रात
चंद्र21:1622:13रात
शनि22:1323:09रात
गुरु23:0900:06रात
मंगल00:0601:02रात
सूर्य01:0201:59रात
शुक्र01:5902:56रात
बुध02:5603:52रात
चंद्र03:5204:49रात
शनि04:4905:45रात

अयनांश 24.2435° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।