7 दिसंबर 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 7 दिसंबर 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 दिसंबर 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (01:51, 8 दिस॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (14:15 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 14:35 से 15:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 17:13
रात 06:42 तक
तिथि
नवमी, 01:51 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 14:15 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:41 – 08:00टालें
उद्वेग08:00 – 09:19टालें
चर09:19 – 10:38सामान्य
लाभ10:38 – 11:57शुभ
अमृत11:57 – 13:16शुभ
काल13:16 – 14:35टालें
शुभ14:35 – 15:54शुभ
रोग15:54 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:13 – 18:54टालें
लाभ18:54 – 20:35शुभ
उद्वेग20:35 – 22:16टालें
शुभ22:16 – 23:57शुभ
अमृत23:57 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:20सामान्य
रोग03:20 – 05:01टालें
काल05:01 – 06:42टालें

7 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 01:51, 8 दिस॰ तक
शुक्ल दशमी 02:59, 9 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 16:13, 8 दिस॰ तक
योग
वज्रअशुभ 06:47 तक
सिद्धि 06:57, 8 दिस॰ तक
करण
बालव 13:00 तक
कौलव 01:51, 8 दिस॰ तक
तैतिल 14:30, 8 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 07:39 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
12:39
चंद्रास्त
00:23
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
14:35 – 15:54
यमगंड
09:19 – 10:38
गुलिक काल
11:57 – 13:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4107:34दिन
सूर्य07:3408:26दिन
शुक्र08:2609:19दिन
बुध09:1910:12दिन
चंद्र10:1211:04दिन
शनि11:0411:57दिन
गुरु11:5712:49दिन
मंगल12:4913:42दिन
सूर्य13:4214:35दिन
शुक्र14:3515:27दिन
बुध15:2716:20दिन
चंद्र16:2017:13दिन
शनि17:1318:20रात
गुरु18:2019:27रात
मंगल19:2720:35रात
सूर्य20:3521:42रात
शुक्र21:4222:50रात
बुध22:5023:57रात
चंद्र23:5701:05रात
शनि01:0502:12रात
गुरु02:1203:20रात
मंगल03:2004:27रात
सूर्य04:2705:35रात
शुक्र05:3506:42रात

अयनांश 24.2472° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।