26 जून 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 26 जून 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 26 जून 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (08:52 तक), नक्षत्र मूल (13:39 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 15:36 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 19:03
रात 05:14 तक
तिथि
पूर्णिमा, 08:52 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 13:39 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:14 – 06:58टालें
उद्वेग06:58 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:25सामान्य
लाभ10:25 – 12:09शुभ
अमृत12:09 – 13:52शुभ
काल13:52 – 15:36टालें
शुभ15:36 – 17:20शुभ
रोग17:20 – 19:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:03 – 20:20टालें
लाभ20:20 – 21:36शुभ
उद्वेग21:36 – 22:52टालें
शुभ22:52 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:25शुभ
चर01:25 – 02:41सामान्य
रोग02:41 – 03:58टालें
काल03:58 – 05:14टालें

26 जून 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 08:52 तक
कृष्ण प्रतिपदा 07:16, 27 जून तक
नक्षत्र
मूल 13:39 तक
पूर्वाषाढ़ा 12:56, 27 जून तक
योग
शुक्ल 07:04 तक
ब्रह्म 04:42, 27 जून तक
इंद्र 02:46, 28 जून तक
करण
बव 08:52 तक
बालव 20:00 तक
कौलव 07:16, 27 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
19:22
चंद्रास्त
05:08
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
15:36 – 17:20
यमगंड
08:41 – 10:25
गुलिक काल
12:09 – 13:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1406:23दिन
सूर्य06:2307:32दिन
शुक्र07:3208:41दिन
बुध08:4109:50दिन
चंद्र09:5010:59दिन
शनि10:5912:09दिन
गुरु12:0913:18दिन
मंगल13:1814:27दिन
सूर्य14:2715:36दिन
शुक्र15:3616:45दिन
बुध16:4517:54दिन
चंद्र17:5419:03दिन
शनि19:0319:54रात
गुरु19:5420:45रात
मंगल20:4521:36रात
सूर्य21:3622:27रात
शुक्र22:2723:18रात
बुध23:1800:09रात
चंद्र00:0901:00रात
शनि01:0001:51रात
गुरु01:5102:41रात
मंगल02:4103:32रात
सूर्य03:3204:23रात
शुक्र04:2305:14रात

अयनांश 24.2689° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।