11 जुलाई 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 11 जुलाई 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 जुलाई 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (21:21 तक), नक्षत्र आर्द्रा (11:36 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 12:11 से 13:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 19:03
रात 05:20 तक
तिथि
अमावस्या, 21:21 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 11:36 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:20 – 07:03शुभ
अमृत07:03 – 08:45शुभ
काल08:45 – 10:28टालें
शुभ10:28 – 12:11शुभ
रोग12:11 – 13:54टालें
उद्वेग13:54 – 15:37टालें
चर15:37 – 17:20सामान्य
लाभ17:20 – 19:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:03 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 21:37शुभ
अमृत21:37 – 22:54शुभ
चर22:54 – 00:11सामान्य
रोग00:11 – 01:29टालें
काल01:29 – 02:46टालें
लाभ02:46 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:20टालें

11 जुलाई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 21:21 तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:30, 12 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 11:42, 12 जुल॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 01:46, 12 जुल॰ तक
हर्षण 00:01, 13 जुल॰ तक
करण
चतुष्पद 09:34 तक
नाग 21:21 तक
किंस्तुघ्न 08:59, 12 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
04:47
चंद्रास्त
18:49
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:39 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:11 – 13:54
यमगंड
07:03 – 08:45
गुलिक काल
10:28 – 12:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2006:28दिन
चंद्र06:2807:37दिन
शनि07:3708:45दिन
गुरु08:4509:54दिन
मंगल09:5411:03दिन
सूर्य11:0312:11दिन
शुक्र12:1113:20दिन
बुध13:2014:28दिन
चंद्र14:2815:37दिन
शनि15:3716:45दिन
गुरु16:4517:54दिन
मंगल17:5419:03दिन
सूर्य19:0319:54रात
शुक्र19:5420:46रात
बुध20:4621:37रात
चंद्र21:3722:28रात
शनि22:2823:20रात
गुरु23:2000:11रात
मंगल00:1101:03रात
सूर्य01:0301:54रात
शुक्र01:5402:46रात
बुध02:4603:37रात
चंद्र03:3704:29रात
शनि04:2905:20रात

अयनांश 24.2695° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।