1 अक्टूबर 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 1 अक्टूबर 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 अक्टूबर 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (14:53 तक), नक्षत्र आर्द्रा (14:29 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 07:27 से 08:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 17:52
रात 05:59 तक
तिथि
अष्टमी, 14:53 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 14:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:27शुभ
काल07:27 – 08:57टालें
शुभ08:57 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:24टालें
चर13:24 – 14:54सामान्य
लाभ14:54 – 16:23शुभ
अमृत16:23 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:23सामान्य
रोग19:23 – 20:54टालें
काल20:54 – 22:25टालें
लाभ22:25 – 23:55शुभ
उद्वेग23:55 – 01:26टालें
शुभ01:26 – 02:57शुभ
अमृत02:57 – 04:28शुभ
चर04:28 – 05:59सामान्य

1 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 14:53 तक
कृष्ण नवमी 15:08, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:22, 2 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 07:04 तक
परिघअशुभ 06:25, 2 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 14:53 तक
तैतिल 03:07, 2 अक्टू॰ तक
गर 15:08, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:08
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
07:27 – 08:57
यमगंड
10:26 – 11:55
गुलिक काल
13:24 – 14:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5806:58दिन
शनि06:5807:57दिन
गुरु07:5708:57दिन
मंगल08:5709:56दिन
सूर्य09:5610:56दिन
शुक्र10:5611:55दिन
बुध11:5512:55दिन
चंद्र12:5513:54दिन
शनि13:5414:54दिन
गुरु14:5415:53दिन
मंगल15:5316:53दिन
सूर्य16:5317:52दिन
शुक्र17:5218:53रात
बुध18:5319:53रात
चंद्र19:5320:54रात
शनि20:5421:54रात
गुरु21:5422:55रात
मंगल22:5523:55रात
सूर्य23:5500:56रात
शुक्र00:5601:56रात
बुध01:5602:57रात
चंद्र02:5703:58रात
शनि03:5804:58रात
गुरु04:5805:59रात

अयनांश 24.2726° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।