3 जनवरी 2030 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 3 जनवरी 2030, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 जनवरी 2030 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (10:50 तक), नक्षत्र मूल (22:01 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 13:29 से 14:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:25
रात 06:55 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:50 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल, 22:01 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2030 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:55 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:10सामान्य
लाभ12:10 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 14:48शुभ
काल14:48 – 16:06टालें
शुभ16:06 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:25 – 19:07शुभ
चर19:07 – 20:48सामान्य
रोग20:48 – 22:29टालें
काल22:29 – 00:10टालें
लाभ00:10 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:33टालें
शुभ03:33 – 05:14शुभ
अमृत05:14 – 06:55शुभ

3 जनवरी 2030 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 10:50 तक
अमावस्या 08:19, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 22:01 तक
पूर्वाषाढ़ा 20:23, 4 जन॰ तक
योग
वृद्धि 13:09 तक
ध्रुव 09:53, 4 जन॰ तक
करण
शकुनि 10:50 तक
चतुष्पद 21:32 तक
नाग 08:19, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
05:57
चंद्रास्त
16:43
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 14:48
यमगंड
06:55 – 08:14
गुलिक काल
09:33 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5507:48दिन
मंगल07:4808:40दिन
सूर्य08:4009:33दिन
शुक्र09:3310:25दिन
बुध10:2511:18दिन
चंद्र11:1812:10दिन
शनि12:1013:03दिन
गुरु13:0313:55दिन
मंगल13:5514:48दिन
सूर्य14:4815:40दिन
शुक्र15:4016:33दिन
बुध16:3317:25दिन
चंद्र17:2518:33रात
शनि18:3319:40रात
गुरु19:4020:48रात
मंगल20:4821:55रात
सूर्य21:5523:03रात
शुक्र23:0300:10रात
बुध00:1001:18रात
चंद्र01:1802:25रात
शनि02:2503:33रात
गुरु03:3304:40रात
मंगल04:4005:48रात
सूर्य05:4806:55रात

अयनांश 24.2762° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।