6 अगस्त 2025 को मुंबई का चौघड़िया

बुधवार, 6 अगस्त 2025, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 अगस्त 2025 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:08 तक), नक्षत्र मूल (13:00 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 12:44 से 14:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 19:11
रात 06:17 तक
तिथि
द्वादशी, 14:08 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल, 13:00 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:16 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:30शुभ
काल09:30 – 11:07टालें
शुभ11:07 – 12:44शुभ
रोग12:44 – 14:21टालें
उद्वेग14:21 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:34सामान्य
लाभ17:34 – 19:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:11 – 20:34टालें
शुभ20:34 – 21:58शुभ
अमृत21:58 – 23:21शुभ
चर23:21 – 00:44सामान्य
रोग00:44 – 02:07टालें
काल02:07 – 03:30टालें
लाभ03:30 – 04:54शुभ
उद्वेग04:54 – 06:17टालें

6 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:08 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:28, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:00 तक
पूर्वाषाढ़ा 14:01, 7 अग॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 07:17 तक
विष्कंभअशुभ 06:42, 7 अग॰ तक
करण
बालव 14:08 तक
कौलव 02:23, 7 अग॰ तक
तैतिल 14:28, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
17:03
चंद्रास्त
03:06
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:44 – 14:21
यमगंड
07:53 – 09:30
गुलिक काल
11:07 – 12:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1607:21दिन
चंद्र07:2108:26दिन
शनि08:2609:30दिन
गुरु09:3010:35दिन
मंगल10:3511:39दिन
सूर्य11:3912:44दिन
शुक्र12:4413:48दिन
बुध13:4814:53दिन
चंद्र14:5315:57दिन
शनि15:5717:02दिन
गुरु17:0218:07दिन
मंगल18:0719:11दिन
सूर्य19:1120:07रात
शुक्र20:0721:02रात
बुध21:0221:58रात
चंद्र21:5822:53रात
शनि22:5323:48रात
गुरु23:4800:44रात
मंगल00:4401:39रात
सूर्य01:3902:35रात
शुक्र02:3503:30रात
बुध03:3004:26रात
चंद्र04:2605:21रात
शनि05:2106:17रात

अयनांश 24.2146° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।