1 फ़रवरी 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 1 फ़रवरी 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 फ़रवरी 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (11:38 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:33, 2 फ़र॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 09:44 से 11:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 18:13
रात 06:54 तक
तिथि
तृतीया, 11:38 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:33 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:55 – 08:19टालें
शुभ08:19 – 09:44शुभ
रोग09:44 – 11:09टालें
उद्वेग11:09 – 12:34टालें
चर12:34 – 13:59सामान्य
लाभ13:59 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 16:48शुभ
काल16:48 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:13 – 19:48शुभ
उद्वेग19:48 – 21:23टालें
शुभ21:23 – 22:59शुभ
अमृत22:59 – 00:34शुभ
चर00:34 – 02:09सामान्य
रोग02:09 – 03:44टालें
काल03:44 – 05:19टालें
लाभ05:19 – 06:54शुभ

1 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 11:38 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:14, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 02:33, 2 फ़र॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 00:52, 3 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 12:24 तक
शिव 09:14, 2 फ़र॰ तक
करण
गर 11:38 तक
वणिज 22:26 तक
विष्टि (भद्रा) 09:14, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:58 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
08:57
चंद्रास्त
21:07
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
09:44 – 11:09
यमगंड
13:59 – 15:24
गुलिक काल
06:55 – 08:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5507:51दिन
गुरु07:5108:48दिन
मंगल08:4809:44दिन
सूर्य09:4410:41दिन
शुक्र10:4111:37दिन
बुध11:3712:34दिन
चंद्र12:3413:30दिन
शनि13:3014:27दिन
गुरु14:2715:24दिन
मंगल15:2416:20दिन
सूर्य16:2017:17दिन
शुक्र17:1718:13दिन
बुध18:1319:17रात
चंद्र19:1720:20रात
शनि20:2021:23रात
गुरु21:2322:27रात
मंगल22:2723:30रात
सूर्य23:3000:34रात
शुक्र00:3401:37रात
बुध01:3702:41रात
चंद्र02:4103:44रात
शनि03:4404:47रात
गुरु04:4705:51रात
मंगल05:5106:54रात

अयनांश 24.2075° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।