8 अप्रैल 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 8 अप्रैल 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (19:02 तक), नक्षत्र मूल (08:48, 9 अप्रैल तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:36
रात 06:08 तक
तिथि
षष्ठी, 19:02 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:09 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:49टालें
शुभ10:49 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:29टालें
चर15:29 – 17:02सामान्य
लाभ17:02 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:36 – 20:02टालें
शुभ20:02 – 21:29शुभ
अमृत21:29 – 22:55शुभ
चर22:55 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:08टालें

8 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 19:02 तक
कृष्ण सप्तमी 21:20, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 08:48, 9 अप्रैल तक
योग
वरीयान 17:10 तक
परिघअशुभ 17:58, 9 अप्रैल तक
करण
वणिज 19:02 तक
विष्टि (भद्रा) 08:13, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:14
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:56
यमगंड
07:42 – 09:15
गुलिक काल
10:49 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0907:11दिन
चंद्र07:1108:13दिन
शनि08:1309:15दिन
गुरु09:1510:18दिन
मंगल10:1811:20दिन
सूर्य11:2012:22दिन
शुक्र12:2213:25दिन
बुध13:2514:27दिन
चंद्र14:2715:29दिन
शनि15:2916:31दिन
गुरु16:3117:34दिन
मंगल17:3418:36दिन
सूर्य18:3619:34रात
शुक्र19:3420:31रात
बुध20:3121:29रात
चंद्र21:2922:27रात
शनि22:2723:24रात
गुरु23:2400:22रात
मंगल00:2201:20रात
सूर्य01:2002:17रात
शुक्र02:1703:15रात
बुध03:1504:13रात
चंद्र04:1305:10रात
शनि05:1006:08रात

अयनांश 24.2240° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।