8 अक्टूबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:16 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 13:37 से 15:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:03
रात 06:13 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:20 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:12 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:10टालें
उद्वेग09:10 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 15:05शुभ
काल15:05 – 16:34टालें
शुभ16:34 – 18:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:03 – 19:34शुभ
चर19:34 – 21:05सामान्य
रोग21:05 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:39शुभ
उद्वेग01:39 – 03:10टालें
शुभ03:10 – 04:42शुभ
अमृत04:42 – 06:13शुभ

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 23:21, 9 अक्टू॰ तक
करण
गर 10:44 तक
वणिज 22:16 तक
विष्टि (भद्रा) 09:53, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
03:54
चंद्रास्त
16:30
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 15:05
यमगंड
06:12 – 07:41
गुलिक काल
09:10 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1207:12दिन
मंगल07:1208:11दिन
सूर्य08:1109:10दिन
शुक्र09:1010:09दिन
बुध10:0911:09दिन
चंद्र11:0912:08दिन
शनि12:0813:07दिन
गुरु13:0714:06दिन
मंगल14:0615:05दिन
सूर्य15:0516:05दिन
शुक्र16:0517:04दिन
बुध17:0418:03दिन
चंद्र18:0319:04रात
शनि19:0420:05रात
गुरु20:0521:05रात
मंगल21:0522:06रात
सूर्य22:0623:07रात
शुक्र23:0700:08रात
बुध00:0801:09रात
चंद्र01:0902:09रात
शनि02:0903:10रात
गुरु03:1004:11रात
मंगल04:1105:12रात
सूर्य05:1206:13रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।