21 जनवरी 2027 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 21 जनवरी 2027, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 जनवरी 2027 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (21:30 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:24 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:06
रात 06:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:30 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:24 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:57 – 08:20शुभ
रोग08:20 – 09:44टालें
उद्वेग09:44 – 11:08टालें
चर11:08 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:19शुभ
काल15:19 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:06 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:19सामान्य
रोग21:19 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 02:08शुभ
उद्वेग02:08 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:20शुभ
अमृत05:20 – 06:57शुभ

21 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 21:30 तक
पूर्णिमा 17:47, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:25, 22 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:08 तक
विष्कंभअशुभ 13:50, 22 जन॰ तक
करण
गर 11:22 तक
वणिज 21:30 तक
विष्टि (भद्रा) 07:38, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:10, 22 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
16:54
चंद्रास्त
05:41
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:19
यमगंड
06:57 – 08:20
गुलिक काल
09:44 – 11:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5707:52दिन
मंगल07:5208:48दिन
सूर्य08:4809:44दिन
शुक्र09:4410:40दिन
बुध10:4011:36दिन
चंद्र11:3612:31दिन
शनि12:3113:27दिन
गुरु13:2714:23दिन
मंगल14:2315:19दिन
सूर्य15:1916:15दिन
शुक्र16:1517:11दिन
बुध17:1118:06दिन
चंद्र18:0619:11रात
शनि19:1120:15रात
गुरु20:1521:19रात
मंगल21:1922:23रात
सूर्य22:2323:27रात
शुक्र23:2700:31रात
बुध00:3101:36रात
चंद्र01:3602:40रात
शनि02:4003:44रात
गुरु03:4404:48रात
मंगल04:4805:52रात
सूर्य05:5206:57रात

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।