28 अगस्त 2027 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 28 अगस्त 2027, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 अगस्त 2027 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (12:42 तक), नक्षत्र आर्द्रा (08:32 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 09:13 से 10:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:39
रात 06:04 तक
तिथि
एकादशी, 12:42 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:04 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 09:13शुभ
रोग09:13 – 10:47टालें
उद्वेग10:47 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:56सामान्य
लाभ13:56 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:39 – 20:04शुभ
उद्वेग20:04 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:56शुभ
अमृत22:56 – 00:22शुभ
चर00:22 – 01:47सामान्य
रोग01:47 – 03:13टालें
काल03:13 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:04शुभ

28 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 12:42 तक
कृष्ण द्वादशी 09:36, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 06:17, 29 अग॰ तक
योग
सिद्धि 13:07 तक
व्यतीपातअशुभ 09:28, 29 अग॰ तक
करण
बालव 12:42 तक
कौलव 23:11 तक
तैतिल 09:36, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 00:53, 29 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
02:05
चंद्रास्त
15:52
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
09:13 – 10:47
यमगंड
13:56 – 15:30
गुलिक काल
06:04 – 07:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0407:07दिन
गुरु07:0708:10दिन
मंगल08:1009:13दिन
सूर्य09:1310:16दिन
शुक्र10:1611:19दिन
बुध11:1912:21दिन
चंद्र12:2113:24दिन
शनि13:2414:27दिन
गुरु14:2715:30दिन
मंगल15:3016:33दिन
सूर्य16:3317:36दिन
शुक्र17:3618:39दिन
बुध18:3919:36रात
चंद्र19:3620:33रात
शनि20:3321:30रात
गुरु21:3022:27रात
मंगल22:2723:24रात
सूर्य23:2400:22रात
शुक्र00:2201:19रात
बुध01:1902:16रात
चंद्र02:1603:13रात
शनि03:1304:10रात
गुरु04:1005:07रात
मंगल05:0706:04रात

अयनांश 24.2434° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।