13 अक्टूबर 2027 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 13 अक्टूबर 2027, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 अक्टूबर 2027 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:48 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:59 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:59
रात 06:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:59 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:14 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:10शुभ
काल09:10 – 10:38टालें
शुभ10:38 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:35टालें
उद्वेग13:35 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:31सामान्य
लाभ16:31 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:59 – 19:31टालें
शुभ19:31 – 21:03शुभ
अमृत21:03 – 22:35शुभ
चर22:35 – 00:07सामान्य
रोग00:07 – 01:38टालें
काल01:38 – 03:10टालें
लाभ03:10 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:14टालें

13 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:48 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:49, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 22:30, 14 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 16:31 तक
ध्रुव 16:16, 14 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 17:48 तक
गर 06:23, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:31 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
16:28
चंद्रास्त
04:07
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:35
यमगंड
07:42 – 09:10
गुलिक काल
10:38 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1407:13दिन
चंद्र07:1308:11दिन
शनि08:1109:10दिन
गुरु09:1010:09दिन
मंगल10:0911:08दिन
सूर्य11:0812:06दिन
शुक्र12:0613:05दिन
बुध13:0514:04दिन
चंद्र14:0415:03दिन
शनि15:0316:02दिन
गुरु16:0217:00दिन
मंगल17:0017:59दिन
सूर्य17:5919:00रात
शुक्र19:0020:02रात
बुध20:0221:03रात
चंद्र21:0322:04रात
शनि22:0423:05रात
गुरु23:0500:07रात
मंगल00:0701:08रात
सूर्य01:0802:09रात
शुक्र02:0903:10रात
बुध03:1004:12रात
चंद्र04:1205:13रात
शनि05:1306:14रात

अयनांश 24.2451° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।