19 नवंबर 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

रविवार, 19 नवंबर 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 19 नवंबर 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (13:28 तक), नक्षत्र मूल (20:49 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 16:17 से 17:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:41
रात 06:31 तक
तिथि
तृतीया, 13:28 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
मूल, 20:49 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:30 – 07:54टालें
चर07:54 – 09:18सामान्य
लाभ09:18 – 10:42शुभ
अमृत10:42 – 12:06शुभ
काल12:06 – 13:29टालें
शुभ13:29 – 14:53शुभ
रोग14:53 – 16:17टालें
उद्वेग16:17 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:41 – 19:17शुभ
अमृत19:17 – 20:53शुभ
चर20:53 – 22:30सामान्य
रोग22:30 – 00:06टालें
काल00:06 – 01:42टालें
लाभ01:42 – 03:18शुभ
उद्वेग03:18 – 04:55टालें
शुभ04:55 – 06:31शुभ

19 नवंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 13:28 तक
शुक्ल चतुर्थी 13:07, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 20:49 तक
पूर्वाषाढ़ा 21:19, 20 नव॰ तक
योग
धृति 20:26 तक
शूलअशुभ 19:08, 20 नव॰ तक
करण
गर 13:28 तक
वणिज 01:12, 20 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:07, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
09:08
चंद्रास्त
20:20
दिनमान
11h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
16:17 – 17:41
यमगंड
12:06 – 13:29
गुलिक काल
14:53 – 16:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3007:26दिन
शुक्र07:2608:22दिन
बुध08:2209:18दिन
चंद्र09:1810:14दिन
शनि10:1411:10दिन
गुरु11:1012:06दिन
मंगल12:0613:02दिन
सूर्य13:0213:57दिन
शुक्र13:5714:53दिन
बुध14:5315:49दिन
चंद्र15:4916:45दिन
शनि16:4517:41दिन
गुरु17:4118:45रात
मंगल18:4519:49रात
सूर्य19:4920:53रात
शुक्र20:5321:58रात
बुध21:5823:02रात
चंद्र23:0200:06रात
शनि00:0601:10रात
गुरु01:1002:14रात
मंगल02:1403:18रात
सूर्य03:1804:22रात
शुक्र04:2205:27रात
बुध05:2706:31रात

अयनांश 24.2605° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।