4 सितंबर 2029 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 4 सितंबर 2029, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 सितंबर 2029 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:36, 5 सित॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:08, 5 सित॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:32
रात 06:06 तक
तिथि
एकादशी, 00:36 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:06 – 07:39टालें
उद्वेग07:39 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 12:19शुभ
अमृत12:19 – 13:52शुभ
काल13:52 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:59शुभ
रोग16:59 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:32 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:26शुभ
उद्वेग21:26 – 22:52टालें
शुभ22:52 – 00:19शुभ
अमृत00:19 – 01:46शुभ
चर01:46 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:39टालें
काल04:39 – 06:06टालें

4 सितंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:36, 5 सित॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:31, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 06:08, 5 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 21:30 तक
वरीयान 19:40, 5 सित॰ तक
करण
बव 12:50 तक
बालव 00:36, 5 सित॰ तक
कौलव 12:10, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 00:08, 5 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
01:48
चंद्रास्त
15:17
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:59
यमगंड
09:12 – 10:46
गुलिक काल
12:19 – 13:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0607:08दिन
सूर्य07:0808:10दिन
शुक्र08:1009:12दिन
बुध09:1210:15दिन
चंद्र10:1511:17दिन
शनि11:1712:19दिन
गुरु12:1913:21दिन
मंगल13:2114:24दिन
सूर्य14:2415:26दिन
शुक्र15:2616:28दिन
बुध16:2817:30दिन
चंद्र17:3018:32दिन
शनि18:3219:30रात
गुरु19:3020:28रात
मंगल20:2821:26रात
सूर्य21:2622:24रात
शुक्र22:2423:21रात
बुध23:2100:19रात
चंद्र00:1901:17रात
शनि01:1702:15रात
गुरु02:1503:13रात
मंगल03:1304:10रात
सूर्य04:1005:08रात
शुक्र05:0806:06रात

अयनांश 24.2716° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।