24 अगस्त 2025 को नेल्लोर का चौघड़िया

रविवार, 24 अगस्त 2025, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 अगस्त 2025 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (11:48 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:06, 25 अग॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 16:53 से 18:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:27
रात 05:57 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:48 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:57 – 07:31टालें
चर07:31 – 09:04सामान्य
लाभ09:04 – 10:38शुभ
अमृत10:38 – 12:12शुभ
काल12:12 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:53टालें
उद्वेग16:53 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:27 – 19:53शुभ
अमृत19:53 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:46सामान्य
रोग22:46 – 00:12टालें
काल00:12 – 01:38टालें
लाभ01:38 – 03:04शुभ
उद्वेग03:04 – 04:31टालें
शुभ04:31 – 05:57शुभ

24 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:48 तक
शुक्ल द्वितीया 12:35, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 12:29 तक
सिद्ध 12:06, 25 अग॰ तक
करण
बव 11:48 तक
बालव 00:07, 25 अग॰ तक
कौलव 12:35, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
06:41
चंद्रास्त
19:15
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:53 – 18:27
यमगंड
12:12 – 13:46
गुलिक काल
15:19 – 16:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5706:59दिन
शुक्र06:5908:02दिन
बुध08:0209:04दिन
चंद्र09:0410:07दिन
शनि10:0711:09दिन
गुरु11:0912:12दिन
मंगल12:1213:14दिन
सूर्य13:1414:17दिन
शुक्र14:1715:19दिन
बुध15:1916:22दिन
चंद्र16:2217:24दिन
शनि17:2418:27दिन
गुरु18:2719:24रात
मंगल19:2420:22रात
सूर्य20:2221:19रात
शुक्र21:1922:17रात
बुध22:1723:14रात
चंद्र23:1400:12रात
शनि00:1201:09रात
गुरु01:0902:07रात
मंगल02:0703:04रात
सूर्य03:0404:02रात
शुक्र04:0205:00रात
बुध05:0005:57रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।