28 मई 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 28 मई 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 मई 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:25 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (10:27 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 17:28 से 19:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:12
रात 05:24 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 10:27 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मई 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:24 – 07:08टालें
चर07:08 – 08:51सामान्य
लाभ08:51 – 10:35शुभ
अमृत10:35 – 12:18शुभ
काल12:18 – 14:02टालें
शुभ14:02 – 15:45शुभ
रोग15:45 – 17:28टालें
उद्वेग17:28 – 19:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:12 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 21:45शुभ
चर21:45 – 23:01सामान्य
रोग23:01 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:34टालें
लाभ01:34 – 02:51शुभ
उद्वेग02:51 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:24शुभ

28 मई 2000 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:25 तक
कृष्ण दशमी 06:03, 29 मई तक
नक्षत्र
योग
प्रीति 03:29, 29 मई तक
आयुष्मान 01:33, 30 मई तक
करण
गर 06:25 तक
वणिज 18:20 तक
विष्टि (भद्रा) 06:03, 29 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
01:53
चंद्रास्त
13:49
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
17:28 – 19:12
यमगंड
12:18 – 14:02
गुलिक काल
15:45 – 17:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2406:33दिन
शुक्र06:3307:42दिन
बुध07:4208:51दिन
चंद्र08:5110:00दिन
शनि10:0011:09दिन
गुरु11:0912:18दिन
मंगल12:1813:27दिन
सूर्य13:2714:36दिन
शुक्र14:3615:45दिन
बुध15:4516:54दिन
चंद्र16:5418:03दिन
शनि18:0319:12दिन
गुरु19:1220:03रात
मंगल20:0320:54रात
सूर्य20:5421:45रात
शुक्र21:4522:36रात
बुध22:3623:27रात
चंद्र23:2700:18रात
शनि00:1801:09रात
गुरु01:0902:00रात
मंगल02:0002:51रात
सूर्य02:5103:42रात
शुक्र03:4204:33रात
बुध04:3305:24रात

अयनांश 23.8627° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।