29 जुलाई 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 29 जुलाई 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 जुलाई 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (15:09 तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:13 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 09:04 से 10:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 19:13
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:09 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:13 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जुलाई 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:40 – 07:22टालें
शुभ07:22 – 09:04शुभ
रोग09:04 – 10:45टालें
उद्वेग10:45 – 12:27टालें
चर12:27 – 14:09सामान्य
लाभ14:09 – 15:50शुभ
अमृत15:50 – 17:32शुभ
काल17:32 – 19:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:13 – 20:32शुभ
उद्वेग20:32 – 21:50टालें
शुभ21:50 – 23:09शुभ
अमृत23:09 – 00:27शुभ
चर00:27 – 01:46सामान्य
रोग01:46 – 03:04टालें
काल03:04 – 04:23टालें
लाभ04:23 – 05:41शुभ

29 जुलाई 2000 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 15:09 तक
कृष्ण चतुर्दशी 11:33, 30 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 14:26, 30 जुल॰ तक
योग
हर्षण 23:02 तक
वज्रअशुभ 18:57, 30 जुल॰ तक
करण
वणिज 15:09 तक
विष्टि (भद्रा) 01:22, 30 जुल॰ तक
शकुनि 11:33, 30 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
03:27
चंद्रास्त
17:41
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:04 – 10:45
यमगंड
14:09 – 15:50
गुलिक काल
05:40 – 07:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4006:48दिन
गुरु06:4807:56दिन
मंगल07:5609:04दिन
सूर्य09:0410:11दिन
शुक्र10:1111:19दिन
बुध11:1912:27दिन
चंद्र12:2713:35दिन
शनि13:3514:42दिन
गुरु14:4215:50दिन
मंगल15:5016:58दिन
सूर्य16:5818:06दिन
शुक्र18:0619:13दिन
बुध19:1320:06रात
चंद्र20:0620:58रात
शनि20:5821:50रात
गुरु21:5022:43रात
मंगल22:4323:35रात
सूर्य23:3500:27रात
शुक्र00:2701:20रात
बुध01:2002:12रात
चंद्र02:1203:04रात
शनि03:0403:56रात
गुरु03:5604:49रात
मंगल04:4905:41रात

अयनांश 23.8651° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।