13 जनवरी 2001 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 13 जनवरी 2001, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 जनवरी 2001 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:02 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:36, 14 जन॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 09:52 से 11:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 17:44
रात 07:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:02 तक
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:36 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2001 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:15 – 08:33टालें
शुभ08:33 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:11टालें
उद्वेग11:11 – 12:29टालें
चर12:29 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:07शुभ
अमृत15:07 – 16:25शुभ
काल16:25 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:44 – 19:25शुभ
उद्वेग19:25 – 21:07टालें
शुभ21:07 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:29शुभ
चर00:29 – 02:11सामान्य
रोग02:11 – 03:52टालें
काल03:52 – 05:33टालें
लाभ05:33 – 07:15शुभ

13 जनवरी 2001 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:02 तक
कृष्ण पंचमी 09:30, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 22:31 तक
शोभन 19:27, 14 जन॰ तक
करण
बालव 12:02 तक
कौलव 22:42 तक
तैतिल 09:30, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
21:48
चंद्रास्त
10:08
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:52 – 11:11
यमगंड
13:48 – 15:07
गुलिक काल
07:15 – 08:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1508:07दिन
गुरु08:0709:00दिन
मंगल09:0009:52दिन
सूर्य09:5210:45दिन
शुक्र10:4511:37दिन
बुध11:3712:29दिन
चंद्र12:2913:22दिन
शनि13:2214:14दिन
गुरु14:1415:07दिन
मंगल15:0715:59दिन
सूर्य15:5916:52दिन
शुक्र16:5217:44दिन
बुध17:4418:52रात
चंद्र18:5219:59रात
शनि19:5921:07रात
गुरु21:0722:14रात
मंगल22:1423:22रात
सूर्य23:2200:29रात
शुक्र00:2901:37रात
बुध01:3702:44रात
चंद्र02:4403:52रात
शनि03:5205:00रात
गुरु05:0006:07रात
मंगल06:0707:15रात

अयनांश 23.8715° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।