1 मई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 1 मई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 मई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (22:46 तक), नक्षत्र मूल (15:34 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 12:18 से 13:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:56
रात 05:39 तक
तिथि
पंचमी, 22:46 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 15:34 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:40 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:59शुभ
काल08:59 – 10:39टालें
शुभ10:39 – 12:18शुभ
रोग12:18 – 13:57टालें
उद्वेग13:57 – 15:37टालें
चर15:37 – 17:16सामान्य
लाभ17:16 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:56 – 20:16टालें
शुभ20:16 – 21:37शुभ
अमृत21:37 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:18सामान्य
रोग00:18 – 01:38टालें
काल01:38 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:39टालें

1 मई 2002 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 22:46 तक
कृष्ण षष्ठी 23:01, 2 मई तक
नक्षत्र
मूल 15:34 तक
पूर्वाषाढ़ा 16:16, 2 मई तक
योग
शिव 09:25 तक
सिद्ध 08:12, 2 मई तक
करण
कौलव 10:57 तक
तैतिल 22:46 तक
गर 10:47, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
23:33
चंद्रास्त
09:02
दिनमान
13h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:44 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:18 – 13:57
यमगंड
07:20 – 08:59
गुलिक काल
10:39 – 12:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4006:47दिन
चंद्र06:4707:53दिन
शनि07:5308:59दिन
गुरु08:5910:05दिन
मंगल10:0511:12दिन
सूर्य11:1212:18दिन
शुक्र12:1813:24दिन
बुध13:2414:31दिन
चंद्र14:3115:37दिन
शनि15:3716:43दिन
गुरु16:4317:49दिन
मंगल17:4918:56दिन
सूर्य18:5619:49रात
शुक्र19:4920:43रात
बुध20:4321:37रात
चंद्र21:3722:30रात
शनि22:3023:24रात
गुरु23:2400:18रात
मंगल00:1801:11रात
सूर्य01:1102:05रात
शुक्र02:0502:59रात
बुध02:5903:52रात
चंद्र03:5204:46रात
शनि04:4605:39रात

अयनांश 23.8896° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।