25 जून 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 25 जून 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 जून 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (02:30, 26 जून तक), नक्षत्र मूल (10:25 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:22
रात 05:25 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
मूल, 10:25 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जून 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:24 – 07:09टालें
उद्वेग07:09 – 08:54टालें
चर08:54 – 10:38सामान्य
लाभ10:38 – 12:23शुभ
अमृत12:23 – 14:08शुभ
काल14:08 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:37शुभ
रोग17:37 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:22 – 20:37टालें
लाभ20:37 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:23शुभ
अमृत00:23 – 01:39शुभ
चर01:39 – 02:54सामान्य
रोग02:54 – 04:09टालें
काल04:09 – 05:25टालें

25 जून 2002 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 02:30, 26 जून तक
कृष्ण द्वितीया 02:21, 27 जून तक
नक्षत्र
मूल 10:25 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:37, 26 जून तक
योग
शुक्ल 05:31 तक
ब्रह्म 03:59, 26 जून तक
इंद्र 02:53, 27 जून तक
करण
बालव 14:47 तक
कौलव 02:30, 26 जून तक
तैतिल 14:21, 26 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
20:02
चंद्रास्त
05:29
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:37
यमगंड
08:54 – 10:38
गुलिक काल
12:23 – 14:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2406:34दिन
सूर्य06:3407:44दिन
शुक्र07:4408:54दिन
बुध08:5410:04दिन
चंद्र10:0411:13दिन
शनि11:1312:23दिन
गुरु12:2313:33दिन
मंगल13:3314:43दिन
सूर्य14:4315:53दिन
शुक्र15:5317:02दिन
बुध17:0218:12दिन
चंद्र18:1219:22दिन
शनि19:2220:12रात
गुरु20:1221:02रात
मंगल21:0221:53रात
सूर्य21:5322:43रात
शुक्र22:4323:33रात
बुध23:3300:23रात
चंद्र00:2301:14रात
शनि01:1402:04रात
गुरु02:0402:54रात
मंगल02:5403:44रात
सूर्य03:4404:34रात
शुक्र04:3405:25रात

अयनांश 23.8917° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।