8 जनवरी 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 8 जनवरी 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 जनवरी 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (03:07, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (21:14 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 12:27 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 17:40
रात 07:15 तक
तिथि
षष्ठी, 03:07 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 21:14 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:15 – 08:33शुभ
अमृत08:33 – 09:51शुभ
काल09:51 – 11:09टालें
शुभ11:09 – 12:27शुभ
रोग12:27 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:40 – 19:22टालें
शुभ19:22 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:27सामान्य
रोग00:27 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:51टालें
लाभ03:51 – 05:33शुभ
उद्वेग05:33 – 07:15टालें

8 जनवरी 2003 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 03:07, 9 जन॰ तक
शुक्ल सप्तमी 05:27, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
वरीयान 02:02, 9 जन॰ तक
परिघअशुभ 02:40, 10 जन॰ तक
करण
कौलव 14:08 तक
तैतिल 03:07, 9 जन॰ तक
गर 16:14, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:38 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
11:08
चंद्रास्त
22:58
दिनमान
10h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 13:45
यमगंड
08:33 – 09:51
गुलिक काल
11:09 – 12:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1508:07दिन
चंद्र08:0708:59दिन
शनि08:5909:51दिन
गुरु09:5110:43दिन
मंगल10:4311:35दिन
सूर्य11:3512:27दिन
शुक्र12:2713:19दिन
बुध13:1914:11दिन
चंद्र14:1115:04दिन
शनि15:0415:56दिन
गुरु15:5616:48दिन
मंगल16:4817:40दिन
सूर्य17:4018:48रात
शुक्र18:4819:56रात
बुध19:5621:04रात
चंद्र21:0422:11रात
शनि22:1123:19रात
गुरु23:1900:27रात
मंगल00:2701:35रात
सूर्य01:3502:43रात
शुक्र02:4303:51रात
बुध03:5104:59रात
चंद्र04:5906:07रात
शनि06:0707:15रात

अयनांश 23.8992° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।