12 जुलाई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 12 जुलाई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 जुलाई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (06:03 तक), नक्षत्र मूल (01:51, 13 जुल॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 19:21
रात 05:31 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:20 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मूल, 01:51 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जुलाई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:31 – 07:15टालें
शुभ07:15 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:42टालें
उद्वेग10:42 – 12:26टालें
चर12:26 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:54शुभ
अमृत15:54 – 17:37शुभ
काल17:37 – 19:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:21 – 20:38शुभ
उद्वेग20:38 – 21:54टालें
शुभ21:54 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:26शुभ
चर00:26 – 01:43सामान्य
रोग01:43 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:15टालें
लाभ04:15 – 05:31शुभ

12 जुलाई 2003 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 06:03 तक
शुक्ल चतुर्दशी 03:20, 13 जुल॰ तक
पूर्णिमा 00:51, 14 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 01:51, 13 जुल॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 00:09, 14 जुल॰ तक
योग
ब्रह्म 16:14 तक
इंद्र 13:02, 13 जुल॰ तक
करण
तैतिल 06:03 तक
गर 16:40 तक
वणिज 03:20, 13 जुल॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:03, 13 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
18:16
चंद्रास्त
03:34
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:42
यमगंड
14:10 – 15:54
गुलिक काल
05:31 – 07:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3106:40दिन
गुरु06:4007:49दिन
मंगल07:4908:59दिन
सूर्य08:5910:08दिन
शुक्र10:0811:17दिन
बुध11:1712:26दिन
चंद्र12:2613:35दिन
शनि13:3514:44दिन
गुरु14:4415:54दिन
मंगल15:5417:03दिन
सूर्य17:0318:12दिन
शुक्र18:1219:21दिन
बुध19:2120:12रात
चंद्र20:1221:03रात
शनि21:0321:54रात
गुरु21:5422:45रात
मंगल22:4523:36रात
सूर्य23:3600:26रात
शुक्र00:2601:17रात
बुध01:1702:08रात
चंद्र02:0802:59रात
शनि02:5903:50रात
गुरु03:5004:41रात
मंगल04:4105:31रात

अयनांश 23.9063° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।