16 जुलाई 2004 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जुलाई 2004, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (14:45 तक), नक्षत्र आर्द्रा (18:16 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है। राहुकाल 10:43 से 12:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 19:20
रात 05:34 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:45 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आर्द्रा, 18:16 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जुलाई 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:33 – 07:17सामान्य
लाभ07:17 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:43शुभ
काल10:43 – 12:27टालें
शुभ12:27 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:53टालें
उद्वेग15:53 – 17:37टालें
चर17:37 – 19:20सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:20 – 20:37टालें
काल20:37 – 21:53टालें
लाभ21:53 – 23:10शुभ
उद्वेग23:10 – 00:27टालें
शुभ00:27 – 01:44शुभ
अमृत01:44 – 03:00शुभ
चर03:00 – 04:17सामान्य
रोग04:17 – 05:34टालें

16 जुलाई 2004 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 14:45 तक
अमावस्या 16:53, 17 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 20:57, 17 जुल॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 23:45 तक
हर्षण 00:26, 18 जुल॰ तक
करण
शकुनि 14:45 तक
चतुष्पद 03:51, 17 जुल॰ तक
नाग 16:53, 17 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
19:20
चंद्रोदय
04:10
चंद्रास्त
18:50
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
10:43 – 12:27
यमगंड
15:53 – 17:37
गुलिक काल
07:17 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3306:42दिन
बुध06:4207:51दिन
चंद्र07:5109:00दिन
शनि09:0010:09दिन
गुरु10:0911:18दिन
मंगल11:1812:27दिन
सूर्य12:2713:35दिन
शुक्र13:3514:44दिन
बुध14:4415:53दिन
चंद्र15:5317:02दिन
शनि17:0218:11दिन
गुरु18:1119:20दिन
मंगल19:2020:11रात
सूर्य20:1121:02रात
शुक्र21:0221:53रात
बुध21:5322:45रात
चंद्र22:4523:36रात
शनि23:3600:27रात
गुरु00:2701:18रात
मंगल01:1802:09रात
सूर्य02:0903:00रात
शुक्र03:0003:52रात
बुध03:5204:43रात
चंद्र04:4305:34रात

अयनांश 23.9204° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।