18 मई 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 मई 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 मई 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (00:06, 19 मई तक), नक्षत्र अश्विनी (06:31, 19 मई तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 10:35 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 19:06
रात 05:28 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मई 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:28 – 07:10सामान्य
लाभ07:10 – 08:53शुभ
अमृत08:53 – 10:35शुभ
काल10:35 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 14:00शुभ
रोग14:00 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:24टालें
चर17:24 – 19:06सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:06 – 20:24टालें
काल20:24 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 02:52शुभ
चर02:52 – 04:10सामान्य
रोग04:10 – 05:28टालें

18 मई 2012 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 00:06, 19 मई तक
कृष्ण चतुर्दशी 02:42, 20 मई तक
नक्षत्र
अश्विनी 06:31, 19 मई तक
योग
आयुष्मान 15:56 तक
सौभाग्य 17:00, 19 मई तक
करण
गर 10:50 तक
वणिज 00:06, 19 मई तक
विष्टि (भद्रा) 13:24, 19 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
03:33
चंद्रास्त
16:56
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 12:17
यमगंड
15:42 – 17:24
गुलिक काल
07:10 – 08:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2806:36दिन
बुध06:3607:45दिन
चंद्र07:4508:53दिन
शनि08:5310:01दिन
गुरु10:0111:09दिन
मंगल11:0912:17दिन
सूर्य12:1713:25दिन
शुक्र13:2514:34दिन
बुध14:3415:42दिन
चंद्र15:4216:50दिन
शनि16:5017:58दिन
गुरु17:5819:06दिन
मंगल19:0619:58रात
सूर्य19:5820:50रात
शुक्र20:5021:42रात
बुध21:4222:33रात
चंद्र22:3323:25रात
शनि23:2500:17रात
गुरु00:1701:09रात
मंगल01:0902:01रात
सूर्य02:0102:52रात
शुक्र02:5203:44रात
बुध03:4404:36रात
चंद्र04:3605:28रात

अयनांश 24.0299° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।