11 जून 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 11 जून 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 जून 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (04:47, 12 जून तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (04:42, 12 जून तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 07:07 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 19:19
रात 05:22 तक
तिथि
अष्टमी, 04:47 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 04:42 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जून 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:22 – 07:07शुभ
काल07:07 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:36शुभ
रोग10:36 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 14:05टालें
चर14:05 – 15:49सामान्य
लाभ15:49 – 17:34शुभ
अमृत17:34 – 19:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:19 – 20:34सामान्य
रोग20:34 – 21:49टालें
काल21:49 – 23:05टालें
लाभ23:05 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:36टालें
शुभ01:36 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:07शुभ
चर04:07 – 05:22सामान्य

11 जून 2012 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:47, 12 जून तक
कृष्ण नवमी 06:27, 13 जून तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 04:42, 12 जून तक
उत्तरा भाद्रपद 07:00, 13 जून तक
योग
प्रीति 21:25 तक
आयुष्मान 21:38, 12 जून तक
करण
बालव 16:11 तक
कौलव 04:47, 12 जून तक
तैतिल 17:33, 12 जून तक
चंद्र राशि
कुंभ 22:13 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:12
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
07:07 – 08:51
यमगंड
10:36 – 12:20
गुलिक काल
14:05 – 15:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2206:32दिन
शनि06:3207:42दिन
गुरु07:4208:51दिन
मंगल08:5110:01दिन
सूर्य10:0111:11दिन
शुक्र11:1112:20दिन
बुध12:2013:30दिन
चंद्र13:3014:40दिन
शनि14:4015:49दिन
गुरु15:4916:59दिन
मंगल16:5918:09दिन
सूर्य18:0919:19दिन
शुक्र19:1920:09रात
बुध20:0920:59रात
चंद्र20:5921:49रात
शनि21:4922:40रात
गुरु22:4023:30रात
मंगल23:3000:20रात
सूर्य00:2001:11रात
शुक्र01:1102:01रात
बुध02:0102:51रात
चंद्र02:5103:42रात
शनि03:4204:32रात
गुरु04:3205:22रात

अयनांश 24.0309° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।